SatsangLive

The Spiritual Touch

गणेश चौथ इस बार देर से

0

आमतौर पर जन्माष्टमी के ग्यारह दिन बाद आने वाली गणेश चतुर्थी इस बार 41 दिन बाद आएगी. ऐसा संयोग 19 साल बाद आया है. और सिर्फ गणेश चौथ ही नहीं अपितु इस बार श्राद्धपक्ष से लेकर नवरात्रि, दशहरा और दीपावली भी एक महीने की देरी से आएंगे। इसका कारण भाद्रपद में अधिकमास का आना है।

तीन अगस्त से प्रथम भाद्रपद कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो चुकी है। इसका समापन 30 सितंबर को होगा। अधिक मास 18 अगस्त से 16 सितंबर तक रहेगा। याने इस बार दो भाद्रपद रहेंगे.

18 अगस्त से 16 सितंबर तक पुण्यार्थ करने वालो की भीड़ रहेगी. मुंबईकर इस बार एक माह देर से गणेशोत्सव मनाएंगे वहीँ पश्चिम भारत का डांडिया पर्व भी अब देर से आएगा.

चलिए दुआ कीजये कि सावन के सूखा जाने के बाद जो भादवे में बारिश हुई है वह  इस बार गणेश चतुर्थी तक जारी रहे.

 

अधिक मास 

अधिकमास 32 माह, 16 दिन और चार घड़ी के अंतर से आता है। व्रत-पर्व, उत्सव में चंद्रमास की गणना को आधार माना जाता है, जो कि 354 दिनों का होता है जबकि सौरमास 365 दिनों का होता है। ऐसे में हर साल 11 दिन का अंतर आता है, जो तीन साल में एक माह से कुछ ज्यादा का हो जाता है। चंद्र और सौरमास के अंतर को पूरा करने के लिए धर्मशास्त्रों में अधिक मास की व्यवस्था की गई है। अधिक मास हर तीन साल में आता है, जबकि प्रत्येक 19 साल में भाद्रपद अधिक मास होता है। भादवा अधिक मास होने पर गणेश चतुर्थी और इसके बाद आने वाले तीज-त्योहार एक माह देरी से आते हैं। 19 साल पहले 1993 में ऐसी ही स्थिति बनी थी, जबकि अब 2031 में यह स्थिति आएगी। (भास्कर)

 

So, what do you think ?