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हरिद्वार में कल से भागवत कथा सलिला

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हरिद्वार में चिन्मयानन्द बापू की कथा

विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट, हरिद्वार द्वारा गरीब, अनाथ, असहाय बच्चो के कल्याणार्थ पुण्य क्षेत्र हरिद्वार में नौ दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का मंगल आयोजन रखा गया है.विश्व कल्याण मिशन के ट्रस्टी श्री लक्ष्मी नारायण कश्यप ने सत्संग लाइव को जारी विज्ञप्ति में बताया कि इस नौ दिवसीय कथा में राष्ट्रीय संत श्री चिन्मयानन्द बापू के पावन मुखारविंद से भागवत सलिला बहेगी.देश  भर से बापू के शिष्य हरिद्वार पहुच रहे है. हरिद्वार में गंगा के किनारे दस हज़ार से अधिक लोगों की क्षमता का भव्य पंडाल लगाया गया है. कारीगर दिन रात पांडाल और मंच को भव्य स्वरुप देने में लगे है.
उल्लेखनीय है कि यह ट्रस्ट पहाड़ी क्षेत्रों के गरीब बच्चों की शिक्षा और सर्व मंगल कार्यों से जुड़ा है. गत तीन वर्षों में इस ट्रस्ट ने हजारों बच्चों के कल्याणार्थ कई केम्प देश भर में किये है.
इस कथा को लेकर पूरे हरिद्वार में चर्चा का माहौल है. कई अखाड़ों के संत भी इस कथा का श्रवन करने हरिद्वार पहुच रहे है. अखल अखाड़ा परिषद् प्रमुख श्री ज्ञानदास जी महाराज, सचिव – राजेंद्र दास जी महाराज, पांतजलि योगपीठ से योग गुरु स्वामी रामदेवजी महाराज, आचार्य बाल कृष्ण जी महाराज, हरिद्वार स्थित विभिन्न आश्रमों के प्रमुख संत इस आयोजन में अपनी उपस्थति की सहमति जता चुके है.
हरिद्वार में इस कथा के आयोजन के साथ ही मीमांसा विद्यापीठ का भूमि पूजन कार्यक्रम भी रखा गया है. बापूजी का यह स्वप्न अब जल्दी ही साकार होने जा रहा है. हरिद्वार मुख्यालय से करीब आठ किमी दूर गंगा के किनारे मीमांसा विद्यापीठ के लिए भूमि का क्रय भक्तों द्वारा किया गया है, जहाँ भव्य गुरुकुल बनाया जाना प्रस्तावित है.
व्यवस्था समितियों का निर्माण:
आयोजन को भव्य स्वरुप देने के चलते भक्तों और साधकों की विभिन्न समितियों का निर्माण किया गया है. ये समितियां पेयजल से लेकर मंच सज्जा, बैठक, संत सम्मान,भोजन-प्रसाद वितरण, स्वागत आदि कार्य देखेगी. इस प्रकार की कुल ग्यारह समितियों का निर्माण किया गया है.
चारधाम यात्रा के चलते भीड़ अधिक रहने की सम्भावना:
उत्तराखंड-गढवाल मंडल की चार धाम यात्रा भी शुरू हो चुकी है. दर्शनार्थी केदार-बद्रीनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री जाने के लिए बस-जीप आदि हरिद्वार से ही पकड़ते है. इसके चलते हरिद्वार में इस समय भक्तों की भरी भीड़ है. ऐसे में इस कथा में भी श्रोताओं की अपार भीड़ रहने की सम्भावना जताई जा रही है. दस हज़ार क्षमता के पांडाल को बाद में और अधिक भी बढ़ाया जा सकेगा.
कथा का सीधा प्रसारण आस्था पर:
इस कथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल के माध्यम से देश-विदेश में देखा जा सकेगा. कथा का समय दोपहर  तीन बजे से  अपरान्ह सवा छह बजे तक रहेगा.
(प्रेस विज्ञप्ति )

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