SatsangLive

The Spiritual Touch

Posts Categorized / Lok Devta: Rajasthan

बावजी चतुर सिंह जी : दोहे

महाराज श्री चतरसिंहजी एक सिध्द पुरूष होने के साथ साथ अच्छे कवि भी थे। उनकी रचनाओं में ईश्वर ज्ञान और लोक व्यवहार का सुन्दर मिश्रण है। कठिन से कठिन ज्ञान तत्व को हमारे जीवन के दैनिक व्यवारों के उदाहरणों से समझाते हुए सुन्दर लोक भाषा में इस चतुराई से ढाला है कि उनके गीत, उनमें [...]

1

चारभुजा: आज निकलेंगे प्रभु नगर विहार को

जलझूलनी एकादशी पर बुधवार को ठाकुरजी रामरेवाड़ी में बिराजकर स्नान करने सरोवर पधारेंगे। जिले में सबसे बड़ा आयोजन गढ़बोर चारभुजाजी में होगा। यहां चल रहे मेले में मंगलवार से ही भीड़ जुट गई। बुधवार को यहां हजारों भक्त चारभुजानाथ की रामरेवाड़ी में शामिल होंगे। जिलेभर में भी बुधवार को जलझूलनी एकादशी मनाई जाएगी। राजसमंद के [...]

0

जलझुलनी एकादशी: चारभुजा मंदिर, गढबोर के रंग

चारभुजा गढ़बोर का मन्दिर अपने आप में बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है और मेवाड के चार धाम में से एक माना जाता है । मेवाड़ के चार धामों में श्रीनाथ जी (नाथद्वारा), एकलिंग (कैलाशपुरी), द्वारकाधीश (कांकरोली) एवं चारभुजा (गढबोर) है. इनमे चारभुजा मंदिर, जो प्रभु बदरीनाथ को समर्पित है, राजसमन्द जिले की  कुम्भलगढ़ तहसील के [...]

1

महाआरती के साथ शुरू हुआ बाबा रामदेव का मेला

जोधपुर.भाद्रपद के पहले शुक्लपक्ष की द्वितीया पर रविवार को मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में ‘बाबे री बीज’ का मेला अलसुबह पांच बजे 51 दीपक से महाआरती के साथ प्रारंभ हुआ। मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ के समाधिस्थल पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। अलसुबह महाआरती के साथ ही बाबा [...]

0

स्याम मने चाकर राखो जी (मीरा बाई के पद 02)

राग मांड स्याम मने चाकर राखो जी। गिरधारीलाल चाकर राखो जी।। चाकर रहसूं बाग लगासूं नित उठ दरसण पासूं। बिंद्राबन की कुंज गलिन में तेरी लीला गासूं।। चाकरी में दरसण पाऊं सुमिरण पाऊं खरची। भाव भगति जागीरी पाऊं तीनूं बातां सरसी।। मोर मुगट पीतांबर सोहे गल बैजंती माला। बिंद्राबन में धेनु चरावे मोहन मुरलीवाला। हरे [...]

0

मीरा बाई के पद (Part -01)

  राग अलैया तोसों लाग्यो नेह रे प्यारे नागर नंदकुमार। मुरली तेरी मन हरह्ह्यौ बिसरह्ह्यौ घर ब्यौहार।। जबतैं श्रवननि धुनि परी घर अंगणा न सुहाय। पारधि ज्यूं चूकै नहीं म्रिगी बेधि द आय।। पानी पीर न जान ज्यों मीन तडफ मरि जाय। रसिक मधुपके मरमको नहीं समुझत कमल सुभाय।। दीपकको जो दया नहिं उडि-उडि मरत [...]

0

जिस मंदिर में पाकिस्तान के छक्के छूट गए : तनोट माता

जैसलमेर से करीब 130 किमी दूर स्थि‍त माता तनोट राय (आवड़ माता) का मंदिर है। तनोट माता को देवी हिंगलाज माता का एक रूप माना जाता है। हिंगलाज माता शक्तिपीठ वर्तमान में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लासवेला जिले में स्थित है। भाटी राजपूत नरेश तणुराव ने तनोट को अपनी राजधानी बनाया था। उन्होंने विक्रम [...]

0

जन जन की आस्था का केन्द्र : सालासर बालाजी

राजस्थान के चुरू जिले के सालासर में स्थित भगवान बालाजी का मंदिर एक पवित्र धार्मिक स्थल है. भगवान हनुमान जी को समर्पित यह मंदिर सालासर के बालाजी नाम से भी विख्यात है. लोगों कि आस्था और विश्वास को समेटे यह मंदिर सभी भक्तों का पावन धाम है. मंदिर में हर समय भक्तों का तांता लगा [...]

0

चूहों वाली माता : करणी माता, देशनोक

राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य जो जितना खूबसूरत है उतना ही विचित्र भी। कहीं रेत के बड़े-बड़े अस्थायी पहाड़ हैं तो कहीं तालाब की सुंदरता। शौर्य और परंपरा की गाथाओं से सजती शाम जहाँ है तो वहीं आराधना का जलसा दिखते आठों पहर भी रेत की तरह ही फैले हैं। ऐसी ही तिलिस्मी दुनिया [...]

1
Pages:12