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Posts Categorized / Yatra Darshan

चारभुजा: आज निकलेंगे प्रभु नगर विहार को

जलझूलनी एकादशी पर बुधवार को ठाकुरजी रामरेवाड़ी में बिराजकर स्नान करने सरोवर पधारेंगे। जिले में सबसे बड़ा आयोजन गढ़बोर चारभुजाजी में होगा। यहां चल रहे मेले में मंगलवार से ही भीड़ जुट गई। बुधवार को यहां हजारों भक्त चारभुजानाथ की रामरेवाड़ी में शामिल होंगे। जिलेभर में भी बुधवार को जलझूलनी एकादशी मनाई जाएगी। राजसमंद के [...]

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जलझुलनी एकादशी: चारभुजा मंदिर, गढबोर के रंग

चारभुजा गढ़बोर का मन्दिर अपने आप में बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है और मेवाड के चार धाम में से एक माना जाता है । मेवाड़ के चार धामों में श्रीनाथ जी (नाथद्वारा), एकलिंग (कैलाशपुरी), द्वारकाधीश (कांकरोली) एवं चारभुजा (गढबोर) है. इनमे चारभुजा मंदिर, जो प्रभु बदरीनाथ को समर्पित है, राजसमन्द जिले की  कुम्भलगढ़ तहसील के [...]

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महाआरती के साथ शुरू हुआ बाबा रामदेव का मेला

जोधपुर.भाद्रपद के पहले शुक्लपक्ष की द्वितीया पर रविवार को मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में ‘बाबे री बीज’ का मेला अलसुबह पांच बजे 51 दीपक से महाआरती के साथ प्रारंभ हुआ। मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ के समाधिस्थल पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। अलसुबह महाआरती के साथ ही बाबा [...]

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Puri Rath Yatra 2012 : प्रभु चले गुंडिचा मंदिर

आतंकवाद के खतरे को देखते हुए गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महोत्सव पूरे धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। बारहवीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर के देवताओं और उनकी परंपरागत रथयात्रा को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु इस शहर में एकत्र हुए। डीजीपी मनमोहन प्रहराज ने बताया खुफिया एजेंसियों से संभावित [...]

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जिस मंदिर में पाकिस्तान के छक्के छूट गए : तनोट माता

जैसलमेर से करीब 130 किमी दूर स्थि‍त माता तनोट राय (आवड़ माता) का मंदिर है। तनोट माता को देवी हिंगलाज माता का एक रूप माना जाता है। हिंगलाज माता शक्तिपीठ वर्तमान में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लासवेला जिले में स्थित है। भाटी राजपूत नरेश तणुराव ने तनोट को अपनी राजधानी बनाया था। उन्होंने विक्रम [...]

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जन जन की आस्था का केन्द्र : सालासर बालाजी

राजस्थान के चुरू जिले के सालासर में स्थित भगवान बालाजी का मंदिर एक पवित्र धार्मिक स्थल है. भगवान हनुमान जी को समर्पित यह मंदिर सालासर के बालाजी नाम से भी विख्यात है. लोगों कि आस्था और विश्वास को समेटे यह मंदिर सभी भक्तों का पावन धाम है. मंदिर में हर समय भक्तों का तांता लगा [...]

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चूहों वाली माता : करणी माता, देशनोक

राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य जो जितना खूबसूरत है उतना ही विचित्र भी। कहीं रेत के बड़े-बड़े अस्थायी पहाड़ हैं तो कहीं तालाब की सुंदरता। शौर्य और परंपरा की गाथाओं से सजती शाम जहाँ है तो वहीं आराधना का जलसा दिखते आठों पहर भी रेत की तरह ही फैले हैं। ऐसी ही तिलिस्मी दुनिया [...]

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जहाँ दीपक से काजल नहीं,केसर बनती है : आई माता

जोधपुर के बिलाडा में नवदुर्गा अवतार श्री आई माता जी का मंदिर हैं। यह पश्चिमी राजस्थान एक का सुप्रसिद्ध मंदिर है जहाँ पूरे भारत से लोग दर्शनों के लिए आते हैं। बिलाड़ा स्थित यही वो मंदिर है जहाँ विश्व का अनोखा एवं अद्वितीय चमत्कार “अखंड केसर ज्योत” है। माता सिरवी समाज की आराध्य देवी है. [...]

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हेलो म्हारो साम्हलो नी रुनीजा रा राजा

भारत की इस पवित्र धरती पर समय समय पर अनेक संतों,महात्माओं,वीरों व सत्पुरुषों ने जन्म लिया है | युग की आवश्कतानुसार उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के बल से, दुखों से त्रस्त मानवता को दुखों से मुक्ति दिला जीने की सही राह दिखाई | १५ वी. शताब्दी के आरम्भ में भारत में लुट खसोट,छुआछुत,हिंदू-मुस्लिम झगडों [...]

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गौरक्षक वीर तेजा जी

लोक देवता तेजाजी (lok devta Teja ji maharaj) का जन्म नागौर जिले में खड़नाल गाँव में ताहरजी (थिरराज) और रामकुंवरी के घर माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 यथा 29 जनवरी 1074 को जाट परिवार में हुआ था। उनके पिता गाँव के मुखिया थे। यह कथा है कि तेजाजी का विवाह बचपन में ही पनेर गाँव [...]

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