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चारभुजा: आज निकलेंगे प्रभु नगर विहार को

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जलझूलनी एकादशी पर बुधवार को ठाकुरजी रामरेवाड़ी में बिराजकर स्नान करने सरोवर पधारेंगे। जिले में सबसे बड़ा आयोजन गढ़बोर चारभुजाजी में होगा। यहां चल रहे मेले में मंगलवार से ही भीड़ जुट गई। बुधवार को यहां हजारों भक्त चारभुजानाथ की रामरेवाड़ी में शामिल होंगे। जिलेभर में भी बुधवार को जलझूलनी एकादशी मनाई जाएगी। राजसमंद के चवरा मोहल्ला स्थित चारभुजा मंदिर में रंगरोगन कर मंदिर को सजाया गया। भगवान को विशेष शृंगार धराया गया। मंदिर परिसर में भगवान को झुलाने के लिए बेवाण को तैयार कर दिया गया है। शाम को भजन संध्या हुई। बुधवार को दिनभर के मनोरथों के बाद शाम चार बजे राम रेवाड़ी निकलेगी।

देर रात तक पहुंचते रहे श्रद्धालु : ठाकुरजी के बेवाण में शामिल होने के लिए मंगलवार देर रात्रि तक देश के कई भागों से श्रद्धालु चारभुजा पहुंचे। वर्ष में एक बार भरने वाले मेले में मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। जलझूलनी एकादशी पर दूध तलाई में भरने वाले तीन दिवसीय मेले में मंगलवार को खासी चहल पहल रही। मेलार्थियों ने डोलर, चकरी, चाट पकौड़ी का मजा लिया। मनिहारी, लोहे की वस्तुओं की भी जमकर खरीदारी हुई। (भास्कर)

मेवाड़ के कोने कोने में आज राम रेवडियाँ निकलेंगी: आपको यह जानकार आश्चर्य ह सकता है, किन्तु यह सत्य है कि मेवाड़ के प्रत्येक गांव में एक चारभुजा मंदिर अवश्य होता है. जिन्हें लोग ठाकुर जी या कृष्णा मंदिर भी कहते है. आज प्रत्येक मंदिर से प्रभु अपने अपने क्षैत्र में भ्रमण हेतु निकलेंगे. मार्ग में भक्तजन श्रीफल, नयी फसल, पुष्प तथा फल प्रभु को अर्पित करते जायेंगे. राम रेवाड़ी (प्रभु का वितान) गांव के जलाशय तक जायेगी,जहाँ प्रभु को स्नान करवाया जाता है, तत्पश्चात रेवाड़ी पुनः मूल मंदिर तक पहुँचती है. रेवाड़ी को प्रायः लोग अपने कंधो पर रखते है. शोभायात्रा के सबसे आगे एक लंबे बांस पर लोटा बांध कर चलाया जाता है, जो प्रभु के आगमन का द्योतक है. आगे आगे भगवान की राम रेवाड़ी और पीछे पीछे हज़रियो आबाल- वृद्ध, नर-नारियां चलते है. औरतें मंगल गीत गाती हुई चलती है. यह प्रयोजन देवउठनी ग्यारस के दिन ही किया जाता है, भगवान को उठाने के बाद सरोवर में ले जाकर स्नान करवाया जाता है तथा भगवान को दर्शाया जाता है कि जब आप सो रहे थे तो नगर में कोई दुखी नहीं था, बस आपके उठने का इन्तेज़ार था.

चारभुजा मंदिर (गढबोर) में आज स्वर्ण और रजत राम रेवडियाँ  निकलेंगी.

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