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गणेश चतुर्थी: पधारो गजानन गणपति

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इस बार गणेश जी को घर लिवाने हेतु पूरा एक महीना ज्यादा इन्तेज़ार करना पड़ा. गणेश चौथ इस बार देर से आई. पर कोई नहीं, हमारे गजानन देर से पधारे है तो ज्यादा दिन घर रहेंगे. मराठवाडा में गणपति की धूम आज शुरू हो जायेगी. लालबाग के राजा सहित घर घर गणपति पधारेंगे. घर घर नित्य सुबह शाम आरती: गणेश जी गाई जायेगी. गणपति को पूरी मनुहार के साथ पधराया जायेगा.वैसे देखा जाये तो गणपति महोत्सव अब केवल महाराष्ट्र का त्यौहार नहीं रहा. वह पूरे देश का त्यौहार बन चुका है.

गणपति अथर्वशीर्ष

बुधवार को गणेश चतुर्थी फलदायी :

चार साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि जब गणेश चतुर्थी का पर्व उन्हीं के दिन यानि बुधवार को आ रहा है। धर्म ग्रंथों में बुधवार का दिन भगवान गणेश का दिन माना गया है। और इस बार दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरूआत बुधवार से ही हो रही है।  ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गणेश चतुर्थी और बुधवार का ये संयोग सबके लिए सुख-समृद्धिकारक रहेगा।

इस बार 19 सितम्बर यानि आज से गणेश उत्सव की शुरूआत हो गई है और ये उत्सव 29 सितम्बर तक चलेगा। इस वर्ष भादौ का अधिकमास होने से गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे एक महीने की देरी से आ रहा है।

अब कब बनेगा संयोग:- 

वर्ष 2007 में गणेश चतुर्थी बुधवार को आई थी। अब 2012 में यह संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसके बाद 2022 में यानि 10 साल बाद बुधवार और गणेश चतुर्थी का संयोग बनेगा।

शुभ फलदायी होगा चतुर्थी 

गणेश स्थापना के लिए बुधवार का दिन सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है। गणेश जी रिद्धी-सिद्धी के दाता होकर सबका मंगल करने वाले हैं। ज्योतिषों के अनुसार ये संयोग शुभ फलदायी होगा।

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गणेशजी दूर करते हैं वास्तु दोष

 

लालबाग के राजा

मुम्बई में गणेश उत्सव के दौरान सभी की नजर प्रसिद्ध ‘लालबाग के राजा’ के ऊपर होती है। इन्हें ‘मन्नतों का गणेश’ भी कहा जाता है। लालबाग में स्थापित होने वाले गणेश भगवान की प्रतिमा के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं और ये भक्तगण 16-17 घंटे तक कतारों में खड़े रहते हैं।

गणेश चतुर्थी के दिन ‘लालबाग के राजा’ यानी गणेश भगवान की प्रतिमा की प्रतिष्ठापना के बाद यहां मन्नत के साथ आने वाले भक्तगणों में बॉलीवुड के कई मशहूर फिल्मी सितारे भी शामिल होते हैं। बॉलीवुड की फिल्मी हस्तियां सुबह आकर ही यहां गणेश भगवान की पूजा कर अपने मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।

शहर के सबसे अधिक मान्य प्रतिमाओं में ‘लालबाग के राजा’ का अपना ही महत्व है, क्योंकि कहा जाता है कि यहां श्रद्धा के साथ आने वाले सभी भक्तगणों की इच्छा अष्टविनायक पूरी करते हैं।

रणथम्भौर के गणपति : (Ganesh ji maharaj, Ranthabhaur)

भारत मे चार स्‍वयंभू गणेश मन्दिर माने जाते है ।
(1) रणथम्‍भौर , राजस्‍थान (2) सिध्‍दपुर , गुजरात
(3) अ‍वन्तिका ( उज्‍जैन ) मध्‍यप्रदेश और
(4) सिध्‍दपुर ( सीहोर ) मध्‍यप्रदेश ।
रणथम्‍भौर (सवाई माधोपुर) राजस्‍थान के त्रिनेत्रधारी श्री गणेश जी के दर्शन अद्भुत है.  । कहा जाता है कि महाराजा विक्रमादित्‍य जिन्‍होने विक्रम सवंत की गणना शुरू की प्रत्‍येक बुधवार उज्‍जैयिनी से रणथम्‍भौर श्री गणेश जी के दर्शन हेतु नियम से जाते थे , उन्‍होने ही उन्‍हे स्‍वप्‍न दर्शन दे सिध्‍दपुर सीहोर के गणेश जी की स्‍थापना करवायी थी ।
श्री रणथम्‍भौर गणेश जी से आप अपनी मनोकामना सिध्‍दी हेतु पत्र द्वारा भी प्रार्थना कर सकते है और अगर आपको भी श्रद्धा हो और गणेश जी को निमंत्रण देना हो तो पता बिल्कुल सीधा साधा है.
श्री गणेश जी महाराज,
पोस्ट – रणथम्भोर.
यकिन किजिये इतने से पते से ही आपका पत्र इन विघ्न विनाशक तक पहुंच जायेगा. और पुजारी जी बाकायदा इनको पढ कर सुना भी देगे. कभी आप वहां जायें तो देखेंगे कि पुजारी जी बाकायदा इनको डाक से आये पत्र पढ कर सुना रहे होते है ।
जय गणेश जय हो ।।

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गणपति अथर्वशीर्ष

आरती: गणेश जी

गणेश चौथ इस बार देर से

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