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हरी सब्जियां खाए, केंसर को भूल जायें !

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हरी  सब्जियों  में पाए  जानेवाले गुणों की जानकारी से हम परिचित तो होंगे ही …यह जानकारी आपके लिए शायद नई हो क़ि  फूल गोभी( CAULI FLOWER) ,ब्रोकली एवं बंद  गोभी (BRUSSEL SPROUTS) में घातक रोगों से शरीर को लड़ने की क्षमता देने वाले गुण पाए गए हैं  ..

यह बात हाल के कई शोध अध्ययनों से प्रमाणित हो चुकी है . सब्जियों की इन किस्मों में मिनरल्स ,फाइबर्स (रेशे),विटामिन्स और कुछ ऐसे फाइटोकेमिकल्स पाए गए हैं जो हमें शरीर की घातक परिस्थियों से जूझने में मददगार साबित होते हैं I पूर्व के अध्ययन में यह पाया गया था क़ि सब्जियों क़ि इन किस्मों में सक्रिय तत्व सल्फ़ोरफेन पाया जाता है जो ’एच .ड़ी.ए .सी  नामक एंजाइम’ के संश्लेषण को दबा देता है और कैंसररोधी एंजाइम के उत्पादन को बढ़ा देता है अर्थात एक कैंसररोधी तत्व के रूप में काम करता है I हाल के अध्ययनों से यह बात साबित हुई है क़ि सल्फोरफेन कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि सहित फैलने पर एक विशेष विधि  ड़ी. एन.ए. मिथाईलेशन  द्वारा नियंत्रण रखता है ..I यह ऐसी विधि है जिसमें  जीन के कुछ हिस्से ’स्विच आफ’ हो जाते हैं, जिससे कोशिकाओं के अन्दर की संचार प्रणाली बाधित हो जाती है I

दुर्भाग्यवश कैंसर पीड़ितों में यह विधि प्रभावित होकर ही रोग   उत्पन्न करती है I इस अध्ययन में यह पाया गया है क़ि  ड़ी.एन.ए. मिथाईलेशन  एवं एच .ड़ी.ए .सी इन्हिबिटर  दो ऐसी कड़ी हैं, जो कोशिकाओं की कार्यप्रणाली को संतुलित करने के लिए जिम्मेदार होते  हैं I अतः हरी सब्जियों को भोजन में प्रचुर मात्रा में लेने से कैंसर जैसी बीमारियों का ख़तरा कम हो जाता है I इससे पूर्व के कई अध्ययनों से भी यह बात साबित हुई है क़ि हरी पत्तेदार एवं रेशेदार सब्जियों को नित्य भोजन में सम्मिलित करने से ब्रेस्ट कैंसर,कोलोरेक्टल कैंसर की संभावनाओं को कम किया जा सकता हैI हाँ एक बात अवश्य ही ध्यान रखने की है कि इन सब्जियों को कम से कम पकाया जाय क्यूंकि अधिक पकाने से इनमें उपस्थित विटामिन-सी एवं फोलेट जैसे गुणकारी तत्व नष्ट हो जाते हैं I केवल हरी पत्तेदार सब्जियां ही नहीं ,हमारी रसोई में उपयोगी अदरख हमारी रक्त शर्करा (ब्लड शुगर ) के स्तर  को ,लहशुन रक्तगत लिपिड्स के स्तर को एवं हल्दी सूजन को कम करने में सहायक होता है I अतः प्राकृतिक जीवन शैली एवं आहार कई रोगों से बचाव में सहायक है ,इस अध्ययन के परिणाम जर्नल ’ क्लिनिकल एपीजेनेटिक्स’ में प्रकाशित हुए हैं ..I तो बस अपनी रसोई को अपने  पारंपरिक खान-पान से सजोयें और स्वस्थ रहें..!!

(डॉ. नवीन चन्द्र जोशी के ब्लॉग “मेरी भी सुनो” से )

एक हर्बल चाय जो दूर करती है स्तन कैंसर !!

आध्यात्म में छिपा है अच्छा स्वास्थ्य !!

लेखक का परिचय:

मैं डॉ. नवीन जोशी,एमडी आयुर्वेद। लिखना मेरा शौक है और इस माध्यम से ही विगत दो वर्षों से मैं लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करता आ रहा हूँ। मैं उत्तराखंड राज्य की पहली स्वास्थ्य पत्रिका आयुष दर्पण को भी संपादित कर रहा हूँ। अपने अंतर्मन की अभिव्यक्ति को लेखनी के माध्यम से आपके समक्ष रखने का मैं प्रयास करूँगा। आपकी सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का सदैव मुझे इंतजार रहेगा। धन्यवाद।

 

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