SatsangLive

The Spiritual Touch

Morari Bapu in Nathdwara: कविता सेठ की लाजवाब प्रस्तुति

0

भादों मास का सोमवार वैसे भी बारिश से तर हो चुका था। लालबाग स्टेडियम में जब प्रसिद्ध सूफीयाना गायिका कविता सेठ ने सुरों की बरसात की और उसी रंग में नृत्य हुआ तो हजारों लोग सूफी रंग में रंग गए। ना तेरा खुदा कोई और है, न मेरा खुदा कोई और है, ये जो रास्ते हैं जुदा-जुदा, ये मामला कोई और है… जैसे शेर के बाद पांडाल के मंच पर जब छाप तलब सब दीनी, मोसे नैना मिलायके… जैसी खनकती आवाज गूंजी तो हर कोई जैसे सूफीयाना रंग में रंग गया।

मौका था मिराज ग्रुप के मुरारी बापू इन नाथद्वारा के तहत सोमवार रात के सांस्कृतिक कार्यक्रम का। एक तरफ श्रीजी की नगरी, रामकथा मर्मज्ञ संत मुरारी बापू की उपस्थिति दूसरी ओर अध्यात्म व धर्म की भावना से ओत प्रोत 40 हजार से अधिक श्रोता।ईद का माहौल, अध्यात्म का मंच, सूफी गायिका कविता ने इस मौके को खास बना दिया।

bapu in nathdwara

कविता सेठ की प्रस्तुति देखते बापू, साथ में मदन पालीवाल (फोटो: भास्कर)

कार्यक्रम की शुरुआत 6.45 बजे बापू के मंच पर आगमन के साथ हुई। मिराज ग्रुप के सीएमडी मदन पालीवाल अपने परिजनों के साथ बापू को आसन तक लाए। गायिका सेठ ने बापू के चरण स्पर्श किए। बापू ने शॉल व प्रतीक चिन्ह देकर आशीर्वाद दिया। आयोजक से लेकर अतिथि मकरंद देशपांडे सहित सारा पांडाल सूफीयाना अंदाज में मंच पर नाच रहे कलाकार की तरह झूमने लगा। सेठ ने अपनी प्रस्तुति के दौरान उर्दू जुबां में कई खूबसूरत नज्म, कलाम व शेर पेश किए। कविता ने ‘जुबां से नाम लूं तो खुशबू, सांस लूं तो खुशबू, विचार करूं तो खुशबू, इधर से कौन गुजरा है फूलों की तरह कि कदम-कदम पर निशा है खुशबू की तरह…’ सुना कर तालियां बटोरी।

प्रस्तुति ऐसी कि झूम उठा हर शख्स : जब कविता ने ‘सनम अब दिल में भी तू है, सरे बाजार भी तू है, कभी बंदा कभी मौला, कभी दिलदार भी तू है गीत की तू ही तू है, तू ही तू है धुन पर अकर्ता मदन पालीवाल, पुत्र मंत्रराज पालीवाल , पुत्री माधवी पालीवाल ने जमकर नृत्य किया। इस दौरान मरकंद देशपांडे ने एक-एक कर सीएमडी के परिजनों को बापू के समक्ष जमकर नचाया। सेठ ने काफी देर तक तबले, बांसुरी की लय ताल पर लोगों को नचाया। लोगों ने भी करतल ध्वनि के साथ कविता का खूब साथ दिया।

चदरिया पर बरसाया राम नाम रस : सेठ ने झीनी रे झीनी रे चदरिया झीनी रे झीनी, राम नाम रस राम नाम रस, होए होए गीत को अपने अंदाज में बांसुरी व तबले की ताल पर काफी देर तक राम नाम का ऐसा रस बरसाया कि अध्यात्म, संगीत, श्रीजी की नगरी के श्रोता सूफी रंग में राम रस पीते रहे। इसके बाद सेठ ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश कीं। (सभी फोटो एवं खबर भास्कर के सौजन्य से )

मोरारी बापू से सम्बंधित आलेख -

 

मोरारी बापू इन नाथद्वारा : पहला दिन

Morari Bapu in Nathdwara: दूसरा दिन

Morari Bapu in Nathdwara: तीसरा दिन

Morari Bapu in Nathdwara: चौथा दिवस (कैलाश खेर ने झुमाया )

बधाई संदेश: मुरारी बापू

रामकथा के अन्तर्पाठ पर चिंतन

Morari Bapu in Shri Nathdwara

श्रीनाथद्वारा रामकथा की तैयारियां प्रारंभ

Jerusalem Ram Katha By Morari Bapu

Hindu teacher brings J’lem mantra of compassion: Jerusalem Post

अंदाज़-ए- मोरारी बापू (फोटो एलबम)

जोहान्सबर्ग में बापू की राम कथा

जून में बापू चले फ्लोरिडा USA

Tampa, Florida Ram Katha (All Details)

So, what do you think ?