मंत्रों से होगा आपका भाग्य उदय

 

व्यक्ति अपना सब कुछ लगाता है, खुद को कामयाब करने केलिए। लेकिन जब उसे सफलता नहीं मिलती तो वह परेशान भी हो जाता है। कहा भी गया है मmantra omनुष्य को वही मिलता है, जो उसकेभाग्य में होता है। लाख कोशिश कर ले कोई, लेकिन होता वही है जो उसके नसीब में होता है। ज्योतिष में बताया गया है कि भाग्य देवताओं के आधीन है और देवताओं को अपने अनुकूल करने के उपाय भी हैं। उसके अनुसार, वह अपने सोए भाग्य को जगा सकता है। ज्योतिष द्वारा अपना भाग्य खोलने के भी उपाय हैं।

हमारे जिंदगी में ग्रह मेहमान बनकर आते है और अपना प्रभाव छोड़कर चले जाते हैं। अगर व्यक्ति को पता हो कब-कब कौन-कौन-सा ग्रह आएगा तो वह उससे संबंधित उन ग्रहों के स्वभाव अनुसार उनके मन पसंद की वस्तु इस्तेमाल करेगा और दान देगा तो क्रूर से क्रू र ग्रह भी उस व्यक्ति को कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा। अंतत: वह ग्रह भी प्रसन्न हो कर जाएगा।

आप कोई व्यापार या काम करते हैं तो वहां भी संबंधित व्यक्ति के अनुसार चल कर अपना कार्य मनवा लेते हैं। इसी तरह जो भी मेहमान घर में आए तो उसकी रुचि अनुसार उसको भोजन देंगे, तो वह भी प्रसन्न होकर जाएगा। ज्योतिष में मंत्रों की शक्ति पर विशेष जोर दिया गया है। बताया गया है कि मंत्रों से भाग्य को जगाया जा सकता है।

मंत्र शक्ति द्वारा:- जिस भी जातक की कुंडली में ग्रहों का योग शुभ नहीं है, तो ऐसे जातक का भाग्य, सेहत, बुद्धि ठीक से नहीं रहेगी। अगर ऐसा होता है तो उस जातक की जिंदगी में काफी कठिनाईयां आती है। इस स्थिति से निपटने के लिए जातक को प्रार्थना और मंत्रों का सहारा लेना चाहिए। मंत्रों द्वारा जातक अपनी जिंदगी को काफी हद तक अनुकूल कर सकता है। मंत्रों द्वारा अपने अमंगल में से मंगल को ढूंढा जा सकता है। दुर्भाग्य से सौभाग्य को ढूंढा जा सकता है। जिस भी ग्रह या देवता का मंत्र करना हो, उनकी एक संख्या निर्धारित होती है। उतनी संख्या में मंत्र को जपने, उसका दशांश हवन, दशांश तर्पण, दशांश मार्जन तथा दशांश ब्राह्मïण भोज कराने से मंत्र सफल होता है।

-ज्योतिष साधना से साभार -

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>