SatsangLive

The Spiritual Touch

Morari Bapu in Nathdwara: पांचवा दिन

0

जीवन को तृप्त कर देते हैं मां और प्रेम : मुरारी बापू
नाथद्वारा. मुरारी बापू ने कहा कि मां और प्रेम का होना जीवन में बहुत आवश्यक है। यह जीवन को तृप्त कर देता है । प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है । मिराज ग्रुप की ओर से आयोजित मुरारी बापू इन नाथद्वारा कार्यक्रम के तहत चल रही रामकथा के पांचवे दिन व्यासपीठ से बापू ने कहा की श्रीजी का  ध्यान धरकर दर्शन में जाने से जीवन में सबकुछ आनंदमय हो जाता है। जीवन में खुशहाली आती हे और सब कुछ  मिल जाता है। लालबाग स्टेडियम में उपस्थित 80 हजार के करीब श्रोताओं की उपस्थिति में कथा की शुरूआत शंखनाद व हनुमान चालिसा के बाद रामधून के साथ हुई।

बापू ने कहा कि नौ दिवसीय आयोजन में प्रेम की ही वार्ता होगी। प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा प्रकट हो जाए। बड़ा सीधा सा दो ओर दो चार वाला गणित है। उन्होंने मानस के माध्यम से कहा कि जनक का प्रेम गुप्त था लेकिन राम को देखकर प्रेम प्रकट हो गया। भागवत दर्शन से प्रेम प्राप्त होता है ,स्वास्थ्य दर्शन से प्रत्यक्ष प्रेम प्राप्त हो जाता है। बापू ने कहा की प्रभु के दर्शन से भी प्रेम पनपता है। उन्होंने एक शेर के माध्यम से कहा कि ‘ उसने देखते ही मुझे दुआओं से भर दिया, मैंने अभी सजदा भी नहीं किया था। बापू ने संत की परिभाषा का वर्णन करते हुए बताया कि संत वही होता हे जो शांत, सुशील, कुलीन व ध्यान निष्ठ होता है। प्रवचन सुनने के लिए राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उतरप्रदेश, हरियाणा सहित संपूर्ण भारत से हजारों लोगों का नाथद्वारा में हुजूम उमड़ पड़ा।

‘लोग यूं ही खफा नहीं होते,

आप की भी खता रही होगी,

हादसों से मुझे बचा लाई,

वो किसी की दुआ रही होगी,

खैरियत से कटे सफर मेरा,

शायद मेरी मां निर्जला रही होगी’।

इन पंक्तियों के साथ बापू ने कथा के पांचवे दिन माँ की महिमा का बखान किया. मानस मर्मग्य बापू ने पंडाल में उपस्थित अस्सी हज़ार लोगो को आज माँ शब्द से परिचित करवाया. इसी के साथ मानस कथा के अनुसार आज दशरथ नंदन राम के बाल्यकाल के प्रसंग सुनाये.

बापू ने बताये संतों के लक्षण :

बापू ने कहा कि संत दर्शन भी प्रेम प्रकट करता है. लेकिन संत कौन है, इसका निर्णय कैसे करें? 21वी सदी में संत की परिभाषा क्या है ? क्या जो धोती, तिलक, छप, लंगोट में आये वो संत है ?

बापू ने कहा कि संत की कुछ परिभाषाएं तय है. पहली जो किसी भी परिस्थिति में शांत रहे, सहज रहे वो संत है. योजना बनाकर सहज शांत रहने का दंभ भरने वाले संत नहीं है. बापू ने कहा कि जिस कुल का मनुष्य होता है, उसके व्यक्तित्व में वह कुलीनता प्रकट अवश्य होती है. तीसरा लक्षण है आश्रमी निष्ठां. जीवन के चारी आश्रमों में उसकी निष्ठां होनी चाहिए. चौथा लक्षण है ज्ञान निष्ठां. पांचवा सुवेश. संत का पहनावा सीधा सदा हो, सात्विक हो, जिसे देखकर श्रृद्धा जगे. छठा लक्षण है आँखों का दर्शन. ऐसी आँख,जिसमे उपासना हो, वासना नहीं. सुनेत्र, सुनयन संत का गहना है. अगला लक्षण बापू ने बताया, संयमित और कम बोलना.

मुरारी तो कथा सुन रहा है:

बापू ने एक सन्दर्भ में अपने दादा त्रिभुवन दास बापू को अपना आश्रय गुरु बटाते हुए याद किया और कहा कि सभी कहते है कि यह कथा मुरारी बापू कह रहे है. मेरा मानना है कि मेरे दादा कथा कह रहे है और प्रभुदास और सावित्री बाई का बेटा मुरारी कथा सुन रहा है.

सुनिधिचौहान नाईट में भीड़ उमड़ी:

अपनी अलहदा आवाज से बॉलीवुड के संगीत में अलग मुकाम बनाने वाली सुनिधि चौहान ने अपनी खनकती, दिलकश आवाज से हजारों लोगों का दिल जीत लिया। सुनिधि ने जब न तेरे दिन गुजरेंगे न तेरी रात कटेगी…गाया तो मानो उत्साह का भूचाल आ गया। लगा कि अब एक पल भी चैन नहीं पड़ेगा। करीब एक लाख लोग एक साथ झूम उठे, चिल्ला उठे, गा उठे मेरे नूरानी चेहरे से न तेरी नजर हटेगी, न तेरे दिन गुजरेंगे….। जैसे सारा नाथद्वारा ही उमड़ पड़ा हो। मदहोशी का ऐसा आलम की हर कोई अपने होश खो बैठा। हो भी क्यों नहीं जब फिजां में मदहोशी भरी आवाज गूंज रही हो। डांस पे चांस मार ले, ओ सोणिया डांस पे चांस मार ले…।

अपनी अलहदा आवाज से बॉलीवुड के संगीत में अलग मुकाम बनाने वाली सुनिधि चौहान ने अपनी खनकती, दिलकश आवाज से हजारों लोगों का दिल जीत लिया। सुनिधि ने जब न तेरे दिन गुजरेंगे न तेरी रात कटेगी…गाया तो मानो उत्साह का भूचाल आ गया। लगा कि अब एक पल भी चैन नहीं पड़ेगा। करीब एक लाख लोग एक साथ झूम उठे, चिल्ला उठे, गा उठे मेरे नूरानी चेहरे से न तेरी नजर हटेगी, न तेरे दिन गुजरेंगे….। जैसे सारा नाथद्वारा ही उमड़ पड़ा हो। मदहोशी का ऐसा आलम की हर कोई अपने होश खो बैठा। हो भी क्यों नहीं जब फिजां में मदहोशी भरी आवाज गूंज रही हो। डांस पे चांस मार ले, ओ सोणिया डांस पे चांस मार ले…।

प्रस्तुति से क्रेजी कर दिया

अवसर वही, पांडाल भी वही मिराज गु्रप के मुरारी बापू इन नाथद्वारा के कार्यक्रम का। प्रस्तुति पेश कर रही थी युवा दिलों की धड़कन सुनिधि चौहान। कार्यक्रम की शुरुआत 7 बजे के करीब हुई। इससे पूर्व संत मुरारी बापू कुछ देर के लिए पांडाल में पधारे और सुनिधि चौहान की प्रस्तुति देख कर उन्हें आशीष दिया। सुनिधि ने आते ही चोरी किया रे, क्रेजी किया रे गाकर जन महाकुंभ को मानो क्रेजी कर दिया। उन्होंने जब दीवाने श्रोताओं से कहा ‘ से’ , ‘ए’, ‘ओ’ तो एक लाख लोगों की गूंज तथा करतल ध्वनि ने माहौल को और दीवाना बना दिया।

फिदा हो गया हर कोई

सुनिधि की अदा, सुनिधि के जलवे, ठुमके, आवाज पर, प्रस्तुति पर जैसे सारा नाथद्वारा फिदा हो गया। जब उन्होंने फिल्म बैंड बाजा बारात के ‘तू तो एवी एवी एवी एवी लूट गया’। सुनिधि ने दीवानों को भांगडे पर खूब नचाया। पैरों में ऊंची हिल के सैंडिल, नीचे ब्लैक, उपर ब्ल्यू का कॉम्बीनेशन, खुले बाल, हर बोल पर अलग अदा व झटकों पर दर्शक देर रात तक मदमस्त रहे।

डांस पे चांस मार ले : क्या चांस मिला, सुनिधि का साथ, तेज आवाज वह भी नाथद्वारा में। खुला मैदान, कोई रोक नहीं, कोई टोक नहीं।

सुनिधि ने रब ने बना दी जोड़ी का गाना ‘ डांस पे चांस मार ले, सोणिया डांस पे…. ‘ गाया तो सभी झूम उठे। इस चांस को डांस में बदल कर लोगों ने जम कर डांस किया। सुनिधि ने दीवानगी की चरम पर पहुंचे श्रोताओं को मानो जीना सीखा दिया। सुनिधि ने जब जीवन के पल है चार याद रख… मरने सेे पहले जीना सीख ले गाना सुनाया तो लोग झूम-झूम कर नाचते रहे।

ओ! माय गॉड : प्रस्तुति के दौरान जब म्यूजिक बंद कर सुनिधि ने श्रोताओं की आवाज सुनने के लिए माइक उनकी ओर कर कहा कि सभी एक साथ कहे वाह!वाह! जब एक साथ एक लाख मुख से आवाज आई वाह!वाह! तो सुनिधि के मुख से निकला ओ! माय गॉड। सुनिधि ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश कीं। शुरुआत में इंडियन आइडियल टैलेंट 5 के राकेश मैनी ने ‘तेनू मैं लव करदा.., सजदा तेरा सजदा, तेरा होने लगा हूं… गाया। बदन पे सितारे लपेटेे हुए सुना कर सबको शम्मी की अदा में नचा दिया। प्रस्तुति के दौरान भीड़ इतनी दीवानी हो उठी क्या पुलिस, क्या सिक्युरिटी गाड्र्स, क्या स्वयंसेवक कोई भी दीवानों की दीवानगी को रोक नहीं पाया।

अवसर वही, पांडाल भी वही मिराज गु्रप के मुरारी बापू इन नाथद्वारा के कार्यक्रम का। प्रस्तुति पेश कर रही थी युवा दिलों की धड़कन सुनिधि चौहान। कार्यक्रम की शुरुआत 7 बजे के करीब हुई। इससे पूर्व संत मुरारी बापू कुछ देर के लिए पांडाल में पधारे और सुनिधि चौहान की प्रस्तुति देख कर उन्हें आशीष दिया। सुनिधि ने आते ही चोरी किया रे, क्रेजी किया रे गाकर जन महाकुंभ को मानो क्रेजी कर दिया। उन्होंने जब दीवाने श्रोताओं से कहा ‘ से’ , ‘ए’, ‘ओ’ तो एक लाख लोगों की गूंज तथा करतल ध्वनि ने माहौल को और दीवाना बना दिया।

फिदा हो गया हर कोई 

सुनिधि की अदा, सुनिधि के जलवे, ठुमके, आवाज पर, प्रस्तुति पर जैसे सारा नाथद्वारा फिदा हो गया। जब उन्होंने फिल्म बैंड बाजा बारात के ‘तू तो एवी एवी एवी एवी लूट गया’। सुनिधि ने दीवानों को भांगडे पर खूब नचाया। पैरों में ऊंची हिल के सैंडिल, नीचे ब्लैक, उपर ब्ल्यू का कॉम्बीनेशन, खुले बाल, हर बोल पर अलग अदा व झटकों पर दर्शक देर रात तक मदमस्त रहे।

सुनिधि ने रब ने बना दी जोड़ी का गाना ‘ डांस पे चांस मार ले, सोणिया डांस पे…. ‘ गाया तो सभी झूम उठे। इस चांस को डांस में बदल कर लोगों ने जम कर डांस किया। सुनिधि ने दीवानगी की चरम पर पहुंचे श्रोताओं को मानो जीना सीखा दिया। सुनिधि ने जब जीवन के पल है चार याद रख… मरने सेे पहले जीना सीख ले गाना सुनाया तो लोग झूम-झूम कर नाचते रहे।

ओ! माय गॉड :

प्रस्तुति के दौरान जब म्यूजिक बंद कर सुनिधि ने श्रोताओं की आवाज सुनने के लिए माइक उनकी ओर कर कहा कि सभी एक साथ कहे वाह!वाह! जब एक साथ एक लाख मुख से आवाज आई वाह!वाह! तो सुनिधि के मुख से निकला ओ! माय गॉड। सुनिधि ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश कीं। शुरुआत में इंडियन आइडियल टैलेंट 5 के राकेश मैनी ने ‘तेनू मैं लव करदा.., सजदा तेरा सजदा, तेरा होने लगा हूं… गाया। बदन पे सितारे लपेटेे हुए सुना कर सबको शम्मी की अदा में नचा दिया। प्रस्तुति के दौरान भीड़ इतनी दीवानी हो उठी क्या पुलिस, क्या सिक्युरिटी गाड्र्स, क्या स्वयंसेवक कोई भी दीवानों की दीवानगी को रोक नहीं पाया।

प्रेस कोंफ्रेस में सुनिधि बोली:

पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान ने कहा कि मुरारी बापु के सामने प्रस्तुति एक विशेष आयोजन है। मैं श्रीजी के धाम में मुरारी बापू के सामने प्रस्तुति देकर धन्य  होऊंगी। वे यहां मुरारी बापू इन नाथद्वारा फेस्टीवल के तहत पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि मुझे पहली बार नाथद्वारा आने और पहली ही बार बापू के सामने अपने संगीत कला को प्रदर्शित करने का  मौका मिला है जो मेरा सौभाग्य  है। मेरा कोई एक गुरु नहीं है।  हर दिन अच्छे गीतकार से संगीत सीखने की कोशिश करती हुँ । मुरारी बापू इन नाथद्वारा कार्यक्रम के बारे में सुनिधि ने कहा कि इतना भव्य राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित करना अपने आप में एक मायने रखता है।
बच्चे के रूप में अपना गायन कैरियर शुरू करने वाली सुनिधि ने चार साल की उम्र में अपना पहला प्रदर्शन दिया था।  एक बार जब टीवी एंकर तबस्सुम ने उनकी प्रतिभा को देखा तो इस युवा गायिका के कौशल को विकसित करने के लिए उसके परिवार को मुंबई बुला लिया। पहली बार टीवी चैनल के माध्यम से प्रसारित किया गया संगीत शो मेरी आवाज सुनो के माध्यम से चर्चा में आई सुनिधि ने कैरियर के रूप में गायन को ही अपने जीवन का आधार बना लिया। सुनिधि को फिल्मफेयर के अलावा नई संगीत प्रतिभा पुरस्कार तथा दो स्टार स्क्रीन पुरस्कार, दो आईफा पुरस्कार और एक ज़ी सिने अवॉर्ड जीतने का मौका मिला है। (फोटो एवं खबर: उदयपुर इन एवं भास्कर )

-मोरारी बापू से सम्बंधित आलेख -

 

मोरारी बापू इन नाथद्वारा : पहला दिन

Morari Bapu in Nathdwara: दूसरा दिन

Morari Bapu in Nathdwara: तीसरा दिन

Morari Bapu in Nathdwara: कविता सेठ की लाजवाब प्रस्तुति

Morari Bapu in Nathdwara: चौथा दिवस (कैलाश खेर ने झुमाया )

Morari Bapu in Nathdwara: पांचवा दिन (सुनिधि की आवाज़ ने जादू किया )

Morari Bapu in Nathdwara: छठा दिन

बधाई संदेश: मुरारी बापू

रामकथा के अन्तर्पाठ पर चिंतन

Morari Bapu in Shri Nathdwara

श्रीनाथद्वारा रामकथा की तैयारियां प्रारंभ

Jerusalem Ram Katha By Morari Bapu

Hindu teacher brings J’lem mantra of compassion: Jerusalem Post

अंदाज़-ए- मोरारी बापू (फोटो एलबम)

जोहान्सबर्ग में बापू की राम कथा

जून में बापू चले फ्लोरिडा USA

Tampa, Florida Ram Katha (All Details)

So, what do you think ?