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The Spiritual Touch

shri ji

श्रीनाथद्वारा रामकथा की तैयारियां प्रारंभ

नाथद्वारा. श्रीजी प्रभु की नगरी में आगामी अगस्त माह के दौरान मिराज ग्रुप की ओर से शीतल संत मोरारी बापू के श्रीमुख से होने वाली रामकथा के निमंत्रण पत्र का विमोचन सोमवार शाम नाथद्वारा,ऊपर की ओडन स्थित मिराज कार्यालय में किया गया. मिराज ग्रुप के सीएमडी श्री मदन पालीवाल ने विधिवत इसका विमोचन किया. इस [...]

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Guru purnima Sandesh

गुरु पूर्णिमा संदेश : संत श्री आसाराम बापू

आत्मस्वरुप का ज्ञान पाने के अपने कर्त्तव्य की याद दिलाने वाला, मन को दैवी गुणों से विभूषित करनेवाला, सदगुरु के प्रेम और ज्ञान की गंगा में बारंबार डुबकी लगाने हेतु प्रोत्साहन देनेवाला जो पर्व है – वही है ‘गुरु पूर्णिमा’ । भगवान वेदव्यास ने वेदों का संकलन किया, १८ पुराणों और उपपुराणों की रचना की। [...]

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Guru purnima

गुरु पूर्णिमा – गुरु दीक्षा – गुरु दक्षिणा

आध्यात्मिकता में गुरु की आवश्यकता होती है | बिना किसी रास्ते के आप आध्यात्मिकता में सफल नहीं हो सकते हो | बिना गुरु के आप आध्यात्मिकता का रास्ता नहीं जान सकते हो | गुरु सभी आध्यात्मिकता में सफल हुए सभी लोगों के पास थे | गुरु का मतलब होता है :- ग का मतलब ज्ञान [...]

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morari bapu

हिरोशिमा में परमाणु बरसी पर रामकथा का आयोजन

विध्वंस हुई धरा पर राम कथा से शांति का प्रयास HIROSHIMA JAPAN RAM KATHA BY PUJYA MORARI BAPU मानस मर्मज्ञ पूज्य मोरारी बापू आगामी ५ अगस्त से १३ अगस्त तक जापान के हिरोशिमा नगर में राम कथा अमृत रस की बौछार करेंगे. ये वही समय होगा जब द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा इस [...]

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JOHANNESBURG RAM KATHA

जोहान्सबर्ग में बापू की राम कथा

JOHANNESBURG RAM KATHA BY PUJYA MORARI BAPU मानस मर्मज्ञ पूज्य संत श्री मुरारी बापू की आगामी दिनाक सात जुलाई से पन्द्रह जुलाई तक जोहान्सबर्ग में होने वाली कथा को लेकर भक्तों में बहुत उत्साह है. यद्यपि बापू पहली बार जोहान्सबर्ग नहीं पधार रहे किन्तु बापू को जितना सुनो,कमतर ही लगता है.   कथा से सम्बंधित [...]

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puri rath yatra 2012

Puri Rath Yatra 2012 : प्रभु चले गुंडिचा मंदिर

आतंकवाद के खतरे को देखते हुए गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महोत्सव पूरे धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। बारहवीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर के देवताओं और उनकी परंपरागत रथयात्रा को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु इस शहर में एकत्र हुए। डीजीपी मनमोहन प्रहराज ने बताया खुफिया एजेंसियों से संभावित [...]

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श्रीजी को सवा लाख आम का भोग

श्रीजी को सवा लाख आम का भोग

नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ में विराजित प्रभु श्रीनाथजी को मंगलवार को स्वर्ण धर्मनुवाक पुरुषसूक्त के पाठ के साथ ज्य्ष्ठाभिशेक स्नान की सेवा अर्पित की गयी. केसर युक्त सुवासित जल से तिलकायत परिवार ने श्रीजी बावा को स्नान कराया. जिसके दर्शन का लाभ देश-विदेश से आये हजारो श्रृद्धालुओं ने लिया. केसर की [...]

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तनोट माता

जिस मंदिर में पाकिस्तान के छक्के छूट गए : तनोट माता

जैसलमेर से करीब 130 किमी दूर स्थि‍त माता तनोट राय (आवड़ माता) का मंदिर है। तनोट माता को देवी हिंगलाज माता का एक रूप माना जाता है। हिंगलाज माता शक्तिपीठ वर्तमान में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लासवेला जिले में स्थित है। भाटी राजपूत नरेश तणुराव ने तनोट को अपनी राजधानी बनाया था। उन्होंने विक्रम [...]

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सालासर बालाजी

जन जन की आस्था का केन्द्र : सालासर बालाजी

राजस्थान के चुरू जिले के सालासर में स्थित भगवान बालाजी का मंदिर एक पवित्र धार्मिक स्थल है. भगवान हनुमान जी को समर्पित यह मंदिर सालासर के बालाजी नाम से भी विख्यात है. लोगों कि आस्था और विश्वास को समेटे यह मंदिर सभी भक्तों का पावन धाम है. मंदिर में हर समय भक्तों का तांता लगा [...]

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करणी माता, देशनोक

चूहों वाली माता : करणी माता, देशनोक

राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य जो जितना खूबसूरत है उतना ही विचित्र भी। कहीं रेत के बड़े-बड़े अस्थायी पहाड़ हैं तो कहीं तालाब की सुंदरता। शौर्य और परंपरा की गाथाओं से सजती शाम जहाँ है तो वहीं आराधना का जलसा दिखते आठों पहर भी रेत की तरह ही फैले हैं। ऐसी ही तिलिस्मी दुनिया [...]

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आई माता

जहाँ दीपक से काजल नहीं,केसर बनती है : आई माता

जोधपुर के बिलाडा में नवदुर्गा अवतार श्री आई माता जी का मंदिर हैं। यह पश्चिमी राजस्थान एक का सुप्रसिद्ध मंदिर है जहाँ पूरे भारत से लोग दर्शनों के लिए आते हैं। बिलाड़ा स्थित यही वो मंदिर है जहाँ विश्व का अनोखा एवं अद्वितीय चमत्कार “अखंड केसर ज्योत” है। माता सिरवी समाज की आराध्य देवी है. [...]

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रुनीजा रा राजा

हेलो म्हारो साम्हलो नी रुनीजा रा राजा

भारत की इस पवित्र धरती पर समय समय पर अनेक संतों,महात्माओं,वीरों व सत्पुरुषों ने जन्म लिया है | युग की आवश्कतानुसार उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के बल से, दुखों से त्रस्त मानवता को दुखों से मुक्ति दिला जीने की सही राह दिखाई | १५ वी. शताब्दी के आरम्भ में भारत में लुट खसोट,छुआछुत,हिंदू-मुस्लिम झगडों [...]

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गौरक्षक वीर तेजा जी

गौरक्षक वीर तेजा जी

लोक देवता तेजाजी (lok devta Teja ji maharaj) का जन्म नागौर जिले में खड़नाल गाँव में ताहरजी (थिरराज) और रामकुंवरी के घर माघ शुक्ला, चौदस संवत 1130 यथा 29 जनवरी 1074 को जाट परिवार में हुआ था। उनके पिता गाँव के मुखिया थे। यह कथा है कि तेजाजी का विवाह बचपन में ही पनेर गाँव [...]

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माता जीण भवानी

कलयुग में शक्ति का अवतार माता जीण भवानी

जीन माता (jeen mata) के बारे में अभी तक कोई पुख्ता जानकारी मौजूद नही है फ़िर भी कहते है की माता का मन्दिर कम से कम 1000 साल पुराना है। लोक कथाओं के अनुसार जीण माता का जन्मअवतार चुरू जिले के घांघू गाँव में हुआ था। जीण माता के बड़े भाई का नाम हर्ष था [...]

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om banna

ऐसा मंदिर, जहाँ बाइक पूजी जाती है

राजस्थान में लोक देवताओं की कमी नहीं. यहाँ पूर्वजों की जिस तरह से पूजा होती है, उसका कहीं और कोई उदहारण नहीं. नाग की पूजा भी यहाँ देवता के रूप में होती है. लेकिन मोटर साइकल की पूजा शायद ही भारत में अन्य किसी स्थान पर की जाती हो. जोधपुर- पाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाली [...]

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निर्जला ग्यारस

निर्जला एकादशी व्रत कथा (Hindi & English)

युधिष्ठिर ने कहा : जनार्दन ! ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष में जो एकादशी पड़ती हो, कृपया उसका वर्णन कीजिये । भगवान श्रीकृष्ण बोले : राजन् ! इसका वर्णन परम धर्मात्मा सत्यवतीनन्दन व्यासजी करेंगे, क्योंकि ये सम्पूर्ण शास्त्रों के तत्त्वज्ञ और वेद वेदांगों के पारंगत विद्वान हैं । तब वेदव्यासजी कहने लगे : दोनों ही पक्षों [...]

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एकादशी व्रत विधि

एकादशी व्रत विधि एवं श्रीहरि के समीप जागरण का महात्म्य

सब धर्मों के ज्ञाता, वेद और शास्त्रों के अर्थज्ञान में पारंगत, सबके हृदय में रमण करनेवाले श्रीविष्णु के तत्त्व को जाननेवाले तथा भगवत्परायण प्रह्लादजी जब सुखपूर्वक बैठे हुए थे, उस समय उनके समीप स्वधर्म का पालन करनेवाले महर्षि कुछ पूछने के लिए आये । महर्षियों ने कहा : प्रह्रादजी ! आप कोई ऐसा साधन बताइये, [...]

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ये मेरे गरीब नवाज़ है.

उर्स Special: ये मेरे ख्वाजा का दर है…

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती एक ऐसे संत थे, जिनकी पूरी जिंदगी मानवता, करुणा, दया और परोपकार की मिसाल थी। उन्होंने अपने भक्तों को इन्हीं राहों पर चलना सिखाया। आज भारत में सद्भाव और सहिष्णुता कायम है, तो ऐसे ही संतों के दम पर… ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का पूरा जीवन मानवता के लिए समर्पित रहा। गरीबों के [...]

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mata ke 51 shaktipeeth

51 शक्तिपीठों के बारे में जानें

  51 शक्तिपीठों( 51 shakpeeth oh hindus) के सन्दर्भ में जो कथा है वह यह है कि सती के पिता राजा प्रजापति दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया था। परन्तु सती के पति भगवान शिव को इस यज्ञ में शामिल होने के लिए निमन्त्रण नहीं भेजा था। जिससे भगवान शिव इस यज्ञ में शामिल [...]

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विपस्‍सना ध्‍यान की तीन विधियां: ओशो

विपस्‍सना ध्‍यान की तीन विधियां: ओशो

विपस्‍सना का अर्थ है: अपनी श्‍वास का निरीक्षण करना, श्‍वास को देखना। यह योग या प्राणायाम नहीं है। श्‍वास को लयबद्ध नहीं बनाना है; उसे धीमी या तेज नहीं करना है। विपस्‍सना तुम्‍हारी श्‍वास को जरा भी नहीं बदलती। इसका श्‍वास के साथ कोई संबंध नहीं है। श्‍वास को एक उपाय की भांति उपयोग करना [...]

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मेहंदीपुर वाले बालाजी

मेहंदीपुर वाले बालाजी

राजस्थान के मेहंदीपुर वाले बालाजी देश ही नहीं दुनियाभर में लोगों के लिए श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। कहते हैं कि यह ऐसा स्थान है जहां नास्तिक से नास्तिक व्यक्ति भी आस्तिक बन जाता है, आज के वैज्ञानिक युग के वैज्ञानिक भी यहां नतमस्तक हुए बगैर नहीं रहते है। चमत्कारों से भरा हुआ यह [...]

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pratap

Maharana Pratap: A Real Hero

Maharana Pratap, the eldest son of the founder of Udaipur Maharana Udai Singh was born to Sonagari Queen Jayawanti on Jyestha Sudi third day of Vikram Era 1597 (i.e. May 9, 1540) Sunday at 47 Ghati 13 Pal past sunrise. Born is Ardra Naksatra, his birth was considered not only auspicious but the astrologers also [...]

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kailash mansarovar promo

कैलाश मानसरोवर यात्रा

कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और पार्वती निवास करते हैं, इसलिए यह अति पवित्र स्थान माना जाता है। इस स्थान को 12 ज्योतिर्लिगों की तरह श्रेष्ठ माना गया है। हर साल मानसरोवर यात्रा पर हजारों साधु-संत, श्रद्धालु जाते हैं। शिव पुराण के अनुसार स्वयं शिव जी ने कहा कि कैलाश वह स्थान है, जिसका कभी [...]

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म्हारी पावागढ़ वाली माँ काली

पावागढ़: मां काली शक्तिपीठ

गुजरात की प्राचीन राजधानी चंपानेर से कुछ दूरी पर पावागढ़ पहाड़ी के शिखर पर बना मां काली का यह शक्ति पीठ भारत के प्रमुख पवित्र धामों में से एक है. काली माता मंदिर माँ के शक्ति पीठों में अति पावन स्थल माना जाता है. यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन होता रहता है. दूर-दूर से आए [...]

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सत्संग लाइव की श्रृद्धांजलि: बाबा जय गुरुदेव

बाबा जय गुरुदेव के प्राण त्यागने के साथ ही शुक्रवार रात को उनका आश्रम बिलख उठा। बाबा के अनुयायियों की आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली। रात में ही बाबा के अंतिम दर्शन के लिए अनुयायी उमड़ पड़े। बाबा जय गुरुदेव के शुक्रवार दोपहर आश्रम पहुंचने के बाद से ही उनके अनुयायी बाबा के [...]

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