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The Spiritual Touch

acharya mridul krishna ji

Shradheya Acharya Mridul Krishnaji Maharaj

  To the lost and the aimless mankind meandering in the sandy deserts of life chasing a mirage,Acharya Sri Mridul Krishna Maharaj and Acharya Sri Gaurav Krishna Maharaj has come as Bihariji’s most compassionate gift to the mankind.> The divine Sathgurus,born into a lineage of distinguished saints have plunged into spreading spiritual awakening and kindle [...]

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गणपति अथर्वशीर्ष

गणपति अथर्वशीर्ष

 (शान्तिमन्त्र) ॐ भद्रड् कर्णेभि: शृणुयाम देवा: । भद्रम् पश्येमाक्षभिर्यजत्रा: । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभि: व्यशेम देवहितं यदायु: ।। ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृध्दश्रवा: । स्वस्ति न: पूषा विश्ववेदा: । स्वस्ति नस्तार्क्ष्योऽअरिष्टनेमि: स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ।। ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ।। (अथ अथर्वशीर्षारम्भ: ।) ॐ नमस्ते गणपतये। त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि। त्वमेव केवलं कर्ताऽसि। त्वमेव केवलं धर्ताऽसि। त्वमेव केवलं हर्ताऽसि। [...]

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||महा मृत्‍युंजय मंत्र ||

महा मृत्‍युंजय : कलियुग में समस्त पापों से ये तारेगा आपको !!

||महा मृत्‍युंजय मंत्र || ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !! ||महा मृत्‍युंजय मंत्र का अर्थ || समस्‍त संसार के पालनहार, तीन नेत्र वाले शिव की हम अराधना करते हैं। विश्‍व में सुरभि फैलाने वाले भगवान [...]

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Guruma Anandmurti

क्या है ब्रह्मचर्य : गुरु माँ आनंद मूर्ति

ब्रह्मचर्य का अगर हम शाब्दिक अर्थ करें, वह है – जब ब्रह्म में रमण होता है, वह ब्रह्मचर्य है। ब्रह्मचर्य का अर्थ है – चेतना को उच्चतर क्षेत्र में ले जाने के लिए तुम कृतसंकल्प हो और उसके लिए तुम अपने लिए देह में ओज को, उर्जा को सुरक्षित रखते हो और इस उर्जा को [...]

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yogi ashokanand

दो शब्दों में गीता रहस्य : योगी अशोकानन्द जी

  गीता में तो कृष्ण भगवान दो ही शब्द कहना चाहते हैं। ये दो शब्द, लोग समझ सकें, ऐसे नहीं है, इसलिए गीता के स्वरूप को इतना विस्तृत किया और उस स्वरूप को समझने के लिए लोगों ने फिर से विवेचन किया। कृष्ण भगवान ने खुद कहा है कि ‘गीता में मैं जो कहना चाहता [...]

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Mahaveer Swami

महावीर स्वामी : समता के सूत्रधार

सत्य के सदन में अहिंसा के अवतरण का नाम है तीर्थकर महावीर स्वामी। अचौर्य के आचरण और अपरिग्रह के अनुकरण का नाम है महावीर स्वामी। अनेकान्तवाद के आकाश में उत्सर्ग की उड़ान का नाम है महावीर स्वामी। अवैर की अभिव्यक्ति और क्षमा की शक्ति का नाम है महावीर स्वामी। सहिष्णुता की सात्विकता और संयम के [...]

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Nakoda teerth

श्री नाकोडा पार्श्वनाथ तीर्थ

श्री नाकोडा पार्श्वनाथ तीर्थ एक अत्यंत प्राचीन तीर्थ स्थल है जो राजस्थान राज्य में बाडमेर के नाकोडा ग्राम में स्थित है। भारत में रामायण और महाभारत काल तक तीर्थ स्थलों की प्राप्ति हो चुकी थी। इन दो महाकाव्यों में तीर्थ शब्द का अनेक बार उल्लेख आया है। नाकोडा तीर्थ स्थल प्रमुख दो कारणों से विख्यात [...]

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mantra om

मंत्रों से होगा आपका भाग्य उदय

  व्यक्ति अपना सब कुछ लगाता है, खुद को कामयाब करने केलिए। लेकिन जब उसे सफलता नहीं मिलती तो वह परेशान भी हो जाता है। कहा भी गया है मनुष्य को वही मिलता है, जो उसकेभाग्य में होता है। लाख कोशिश कर ले कोई, लेकिन होता वही है जो उसके नसीब में होता है। ज्योतिष [...]

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Ramkatha

रामकथा के अन्तर्पाठ पर चिंतन

भारतीय सनातन वैदिक धर्म में ईश्वर के संदर्भ में एक अनूठी अवधारणा है-अवतार की. विश्व की तमाम शेष मान्यताओं से अलग यहां स्वयं विष्णु ही धरती पर अवतरित होते हैं- कभी मत्स्य के रूप में तो कभी कच्छप के रूप में. कभी वाराह तो कभी आधा पशु-आधा मानव यानी नृसिंह के रूप में. यूं देखा [...]

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Ram Navmi vishesh

उल्लास और आदर्श का स्मरण पर्व: राम नवमी

रामनवमी भारत का अति महत्त्वपूर्ण त्योहार है। इसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जन्मदिन के रूप में हर क्षेत्र में धूमधाम और उल्लासपूर्वक मनाया जाता है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाने वाला यह पर्व नववर्ष का मंगलमय आरंभ लेकर आता है। नव वर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की प्रतिपदा को नव [...]

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Ram janam:bhaye pragat kripala

भये प्रगट कृपाला : राम जन्म स्तुति

भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी . हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी .. लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी . भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी .. कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता . माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता .. करुना सुख सागर सब [...]

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sabhi pramukh murhut

मुहूर्त: गर्भाधान मुहूर्त से उपनयन संस्कार तक

वधू प्रवेश मुहूर्त तीनों उत्तरा रोहिणी हस्त अशिवनी पुष्य अभिजित मृगसिरा रेवती चित्रा अनुराधा श्रवण धनिष्ठा मूल मघा और स्वाति ये सभी नक्षत्र चतुर्थी नवमी और चतुर्दशी ये सभी तिथियां तथा मंगलवार रविवार और बुधवार इन वारों को छोड कर अन्य सभी नक्षत्र तिथि तथा वार में नववधू का घर मे प्रवेश शुभ होता है। [...]

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narayan sewa sansthan

नारायण सेवा संस्थान: दुर्गाष्टमी पर 700 कन्याओं का पूजन

  नारायण सेवा संस्थान (ट्रस्ट) उदयपुर के तत्वावधान में दो दिवसीय राम नवमी महोत्सव विविध अनुष्ठानो के साथ शनिवार से प्रारंभ होगा. संस्थान संस्थापक एवं मेनेजिंग ट्रस्टी आचार्य कैलाश जी मानव ने बताया कि 23 मार्च से शुरू हुए नवरात्रि पर्व के दौरान जिन 700 कन्याओं को विकलांगता सुधार  ऑपरेशन किये गए, उन कन्याओं का बड़ी [...]

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kaam ek shakti hai

काम को दबाओ नहीं, इसे समझो

काम ऊर्जा अगर नीचे को बह गयी तो सेक्सुअल रिलीस होगा और यही काम ऊर्जा को अगर ध्यान के द्वारा बदल दिया तो वो तुम्हारे ध्यान को गहरा कर देगी। यह एक शक्ति है। इसे इस्तेमाल में कैसे लाया जाए; यह आप पर निर्भर करता है । जो लोग अपनी इस काम ऊर्जा का सदुपयोग [...]

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Buddha

तात तीन अति प्रबल खल…!

संतों ने कहा है कि मानव और परमात्मा के बीच छह दुश्मन खड़े हैं जिन्हे षट-रिपु कहा जाता है. ये षट-रिपु हैं – काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या और द्वेष. और ये बड़े मज़े की बात है कि ये एक श्रंखला मे चलते हैं. इनमे भी जो पहले 3 हैं उनको सर्वाधिक प्रबल कहा गया है. महात्मा [...]

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काशी मोक्ष नगरी

विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगो में से एक ज्योतिर्लिंग है. यह ज्योतिर्लिंग उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान में है. काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है. सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया है. इस स्थान की मान्यता है, कि यह स्थान सदैव बना रहेगा. अगर कभी [...]

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thyroid

थायरॉयड में योग

थायरॉइड दो तरह का होता है-हाइपो और हाइपर। महिलाओं में हाइपो ज्यादा होता है। इसमें थायरॉइड ग्रंथि से हॉर्मोन का स्त्राव कम या खत्म हो जाता है। इस मुश्किल से निजात पाने के लिए आसन। सर्वांगासन पीठ के बल लेट जाएं। उसके बाद दोनों पैरों को मिलाकर कमर तक के भाग को ऊपर उठाएं। दोनों [...]

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viparitkarni asana

अच्छी नींद के लिए आसन विशेष

अच्छी नींद एक सहज स्थिति है, जो हमारी कोशिकाओं को पुनर्जीवन देती है। किंतु जब किसी कारण आपको अच्छी नींद नहीं आती है तो इसे सहज बनाने के लिए अपनी मानसिक, भावनात्मक स्थिति के साथ जीवनशैली में परिवर्तन करना आवश्यक हो जाता है। योगासन इस समस्या का बहुत ही कारगर एवं स्थायी उपाय प्रदान करते [...]

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कल से दिल्ली में भगवत नाम की धूम

राष्ट्रीय संत श्री चिन्मयानन्द बापू , हरिद्वार की  बहुचर्चित श्री मद् भागवत कथा महोत्सव का आगाज कल करोल बाग, दिल्ली स्थित अजमल खान पार्क में होगा. नौ दिवसीय यह कथा आगामी तीन अप्रेल तक नित्य शाम तीन बजे से छह बजे तक सुनी जा सकेगी. कथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल द्वारा किया जायेगा. इसी [...]

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ram stuti

श्री राम स्तुति

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं | नवकंज-लोचन, कंजमुख, करकुंज, पदकंजारुणं || कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनील-नीरद-सुन्दरं | पट पीत मानहु तडीत रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं || भजु दीनबंधु दिनेश दानव- दैत्यवंश-निकंदनं | रघुनंद आंनदकंद कोशलचंद दशरथ-नंदनं || सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग विभुषणं | आजानु भुज शर चाप धर, [...]

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tandav

॥ शिव तांडव स्तोत्रम् ॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले,गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्। डमड्डमड्ड्मड्ड्मन्निनादवड्ड्मर्वयं,चकार चण्डताण्डवं तनोतु न: शिव:शिवम्॥ (1) जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी, विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्ध्दनि। धगध्दगध्दगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके, किशोरचन्द्रशेखरे रति: प्रतिक्षणं मम॥ (2) धराधरेन्द्ननन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर, स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे। कृपाकटाक्षधोरणीनिरुध्ददुर्धरापदि, क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि॥ (3) जटाभुजंगपिंगलस्फुरत्फणामणिप्रभा, कदम्बकुंकुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे। मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे, मनोविनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि॥ (4) सहस्त्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर, प्रसूनधुलिधोरणीविधुसराङध्रिपीठभू:। भुजंगराजमा्लया निबध्दजाटजूटक:, श्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखर:॥ (5) ललाटचत्वरज्वलध्दनञ्ज्यस्फुलिंगभा, निपीतपंचसायकं नमन्निलिम्पनायकम्। सुधामयुखलेखया विराजमान शेखरं, महाकपालि सम्पदे शिरो जटालमस्तु न:॥ (6) करालभाल्पट्टिकाधगध्दगध्दगज्ज्वल, ध्दनञ्ज्याहुतीकृतप्रचण्डपंचसायके। [...]

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dhyan

साधन पंचकम् – (भावार्थ सहित )

वेदो नित्यमधीयताम्, तदुदितं कर्म स्वनुष्ठीयतां, तेनेशस्य विधीयतामपचितिकाम्ये मतिस्त्यज्यताम्। पापौघः परिधूयतां भवसुखे दोषोsनुसंधीयतां, आत्मेच्छा व्यवसीयतां निज गृहात्तूर्णं विनिर्गम्यताम्॥ (१) भावार्थ : वेदों का नियमित अध्ययन करें, उनमें कहे गए कर्मों का पालन करें, उस परम प्रभु के नियमों का पालन करें, व्यर्थ के कर्मों में बुद्धि को न लगायें। समग्र पापों को जला दें, इस संसार [...]

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ram chalisa

श्री राम चालीसा

॥ दोहा ॥ जानि गौरी अनुकूल, सिय हिय हरषि नादू कहि। मंजुल मंगल मूल, बाग अंग फ़रकन लगि॥ ॥ चौपाई ॥ श्री रघुवीर भक्त हितकारी, सुन लीजै प्रभु अरज हमारी। (१) निशिदिन ध्यान धरै जो कोई, ता सम भक्त और नहिं होई। (२) ध्यान धरे शिवजी मन माहीं, ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं। (३) जय [...]

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yamuna

॥ यमुनाष्टकम् ॥

(१) नमामि यमुनामहं सकल सिद्धि हेतुं मुदा, मुरारि पद पंकज स्फ़ुरदमन्द रेणुत्कटाम। तटस्थ नव कानन प्रकटमोद पुष्पाम्बुना, सुरासुरसुपूजित स्मरपितुः श्रियं बिभ्रतीम॥ (२) कलिन्द गिरि मस्तके पतदमन्दपूरोज्ज्वला, विलासगमनोल्लसत्प्रकटगण्ड्शैलोन्न्ता। सघोषगति दन्तुरा समधिरूढदोलोत्तमा, मुकुन्दरतिवर्द्धिनी जयति पद्मबन्धोः सुता॥ (३) भुवं भुवनपावनीमधिगतामनेकस्वनैः, प्रियाभिरिव सेवितां शुकमयूरहंसादिभिः। तरंगभुजकंकण प्रकटमुक्तिकावाकुका, नितन्बतटसुन्दरीं नमत कृष्ण्तुर्यप्रियाम॥ (४) अनन्तगुण भूषिते शिवविरंचिदेवस्तुते, घनाघननिभे सदा ध्रुवपराशराभीष्टदे। विशुद्ध मथुरातटे सकलगोपगोपीवृते, [...]

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radha

राधा चालीसा

॥ दोहा ॥ श्री राधे वृषभानुजा, भक्तिन प्राणाधार। वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रणवौं बारंबार॥ जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम। चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम॥ ॥ चौपाई ॥ जय वृषभानु कुँवरि श्री श्यामा, कीरति नंदिनी शोभा धामा॥ (१) नित्य बिहारिनि श्याम अधारा, अमित मोद मंगल दातारा॥ (२) रास विलासिनि रस विस्तारिनि, सहचरि सुभग यूथ मन [...]

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