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The Spiritual Touch

वज्रासन से कामोत्तजना पर नियंत्रण / Vajrasana (Thunder Posture)

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वज्रासन vajrasanमें बैठने पर हमारे पाचनतंत्र को बहुत लाभ मिलता है। और ऐसे बैठने पर कामोत्तजना पर नियंत्रण होता है। जब आप यूँ घुटने मोड़कर नितम्बों को पाँव की एड़ी पर टिकाकर बैठते हैं तो शरीर में वज्र नाम की एक नाड़ी है, जिस पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। और यही वज्र जननांगों, काम के अंगों को नियंत्रित करती है।
वज्रासन पेट को भी ठीक रखता है। गठिया रोग भी लाभकारी है।.इसके साथ – साथ ध्यान का भी एक बहुत उत्तम आसन है। क्योंकि इसमें हमारे चक्रों पर सीधे प्रभाव आता है, जैसे मूलाधार चक्र। मूलधार चक्र पुरुषों के लिंग और गुदा के बीच में जिसे हम पैरीनियम कहते हैं और स्त्रियों के गर्भाशय के बाहरी ग्रीवा में, जहाँ से सर्विक्स प्रारम्भ होती है, ठीक वहां पर है।
इस तरह वज्रासन ध्यान के लिए भी उत्तम है और शरीर को और पाचन शक्ति को तेज करने के लिए भी यह उत्तम आसन है।
Procedure: Kneel on the floor by keeping the toes flat & the heels a bit apart. Keep your knees close together, stretch out your hands on the knees and sit erect for 20-30 seconds. Take rest in Shavasana (Corpse Posture). Repeat thrice.

Cures/Relieves: Arthritis, Gout, Loss of Appetite, Indigestion, Vericose Veins & Sciatica .

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